जौलजीबी शिफ्ट हो जिला अस्पताल: जगत मार्तोलिया
हिमालय बचाओ समिति ने शिफ्टिंग के हलचल पर उठा दी मांग

पिथौरागढ़।हिमालय बचाओ संघर्ष समिति ने जिला अस्पताल को जौलजीबी में स्थानांतरित करने की मांग उठाई दी। समिति ने कहा कि भारत चीन एवं नेपाल सीमा की जनता को जिला अस्पताल की खास आवश्यकता है। इसके लिए शीघ्र समिति का एक प्रतिनिधिमंडल देहरादून जाकर सीएम से मुलाकात करेगा।
पिथौरागढ जिला मुख्यालय में मेडिकल कालेज बनने के बाद जिला अस्पताल को शिफ्ट करने के लिए शासन स्तर पर क़वायद चल रही है। इस बीच समिति ने सबसे पहले जिला अस्पताल को जौजजीबी शिफ्ट करने की मांग उठा कर अन्य संगठनों को पीछे छोड़ दिया है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष जगत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि जौलजीबी में जिला अस्पताल क्यों होना चाहिए इस पर समिति ने 15 तर्क फाइनल किए है। उन्होंने कहा कि जौलजीबी प्रस्तावित नाम है। उसके आसपास विकासखंड धारचूला, कनालीछीना एवं डीडीहाट की भूमि में कहीं पर भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी समिति की है।
उन्होंने कहा कि जिले के चार विकास खंड मुनस्यारी, धारचूला, डीडीहाट, कनालीछीना के अलावा नेपाल के अधिसंख्यक रोगियों के लिए जौलजीबी उपयुक्त स्थान है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में टनकपुर से जौलजीबी मोटर मार्ग के शुरु होने तथा बांसबगड से बंगापानी मोटर मार्ग के बनने के बाद विकासखंड मूनाकोट, बेरीनाग सहित बागेश्वर जिले के कपकोट की जनता को भी इस जिला अस्पताल का फायदा मिलेगा।
मर्तौलिया ने बताया कि शीघ्र ही जौलजीबी में इस मांग को लेकर महापंचायत की जाएगी। उससे पहले देहरादून जाकर प्रदेश के
मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की जाएगी।
उन्होंने कहा जिला अस्पताल को ब्राईबेंट विलेज के नजदीक ले जाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन भी है। कहा कि सुविधाएं बढ़ेगी तभी सीमांत के अंतिम गांवो को प्रथम गांव के रूप में उद्घोषणा करने का मोदी जी का सपना पूरा होगा। इस मांग को पीएम मोदी के सपने से जोड़कर समिति ने अपने पक्ष को मजबूती दे दी है। अब देखना है कि प्रदेश सरकार क्या करती है।



