भजन सम्राट नरेंद्र चंचल को भावभीनी श्रद्धांजलि
18 मई 1994 को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर रचा गया था भक्ति का स्वर्णिम इतिहास

ऋषिकेश। तीर्थ नगरी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर 18 मई 1994 को आयोजित माँ भगवती के भव्य जागरण की यादें आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में जीवित हैं। विश्व विख्यात भजन सम्राट स्वर्गीय नरेंद्र चंचल जी की पावन स्मृति में ‘न्यू स्टार क्लब’ ऋषिकेश द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
करीब 32 वर्ष पूर्व आयोजित इस ऐतिहासिक जागरण में उत्तराखंड सहित कई राज्यों से आए एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की थी। नरेंद्र चंचल जी की मधुर एवं ओजस्वी भजन प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया था। श्रद्धालु पूरी रात माँ भगवती की भेंटों में सराबोर रहे।
उस समय त्रिवेणी घाट को दुल्हन की तरह फूलों एवं रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया गया था। पूरे शहर में भजनों की ध्वनि पहुंचाने के लिए विशेष लाउडस्पीकर व्यवस्था की गई थी। जागरण की मुख्य ज्योति गीता आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी शांतानंद जी महाराज द्वारा प्रज्ज्वलित की गई थी, जबकि ‘गंगा महोत्सव’ का उद्घाटन सच्चा धाम आश्रम के संत हंसराज जी महाराज ने किया था।
कार्यक्रम स्थल पर निर्मित विशेष गुफा का उद्घाटन निर्मल आश्रम के महंत संत राम सिंह जी महाराज एवं संत जोध सिंह जी महाराज द्वारा किया गया था। इस अवसर पर स्वर्गीय जगदीश लाल शर्मा जी पहली बार हिमाचल प्रदेश स्थित पावन धाम ज्वाला जी से अखंड ज्योति लेकर ऋषिकेश पहुंचे थे।
आयोजन के अगले दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्लब के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने तन-मन-धन से सेवा की। कार्यक्रम की सफलता में अनेक सामाजिक एवं धार्मिक व्यक्तित्वों का विशेष योगदान रहा।
न्यू स्टार क्लब के संस्थापक एवं प्रांतीय अध्यक्ष के.के. सचदेवा ने कहा कि “जब तक सूरज चाँद रहेगा, चंचल जी आपका नाम रहेगा।” उन्होंने नरेंद्र चंचल जी के साथ-साथ क्लब के दिवंगत पदाधिकारियों एवं सहयोगियों—स्व. सतीश अरोड़ा, स्व. जगदीश लाल शर्मा, स्व. दीपक गुलाटी, स्व. राजेश सक्सेना, स्व. अरविंद वशिष्ठ, स्व. धर्मेश्वर दीक्षित, स्व. अतरचंद साहल, स्व. जनक राज बजाज एवं स्व. अमित सूरी सहित सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्लब पदाधिकारियों ने उस ऐतिहासिक रात के साक्षी रहे श्रद्धालुओं से अपनी यादें एवं नरेंद्र चंचल जी की प्रिय भेंट साझा करने का भी आह्वान किया ।




