कॉरिडोर के नाम पर देश में तीर्थ पुरोहित समाज का अपमान असहनीय: रामकृष्ण तिवारी
प्रयागराज में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के पदाधिकारियों की एक दिवसीय बैठक

प्रयागराज।आज यहां होटल गंगा रिवर फ्रंट दारागंज प्रयागराज में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा (रजि.) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की एक आवश्यक बैठक महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामकृष्ण तिवारी जी की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में संगठन को गतिशील बनाने हेतु विभिन्न तीर्थों की समस्याओं के निराकरण एवं अमली जामा पहनाने के संदर्भ में विचार विमर्श हुआ। जिसमें केन्द्र एवं राज्य की सरकारों से मंदिरों का अधिग्रहण व कारीडोर का पूरजोर विरोध किया गया, साथ ही जिस प्रकार से चारों धाम की लड़ाई कृष्ण कांत कोटियाल जी चारों धाम हक-हकूकधारी समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री यमुनोत्री और ५४ हकूकधारी के अधिग्रहण का प्रस्ताव के विपरीत उसका विरोध अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा द्वारा सम्पूर्ण भारत वर्ष में किया गया, तत्पश्चात वहां की सरकार द्वारा उसे वापिस लिया गया। यह एक ऐतिहासिक जीत थी, इसी प्रकार अखिलेश सरकार द्वारा गिर्राज के तीन मंदिर व बांके बिहारी के अधिग्रहण की कार्यवाही के अंतर्गत महासभा द्वारा विराट धरना प्रदर्शन किया गया, उस समय अखिलेश सरकार को वह निर्णय वापस लेना पड़ा ।तदोपरांत बांके बिहारी के अधिग्रहण की कार्यवाही वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुनः की गयी जिसका विरोध महासभा द्वारा किया, और अभी भी लड़ाई जारी है, महासभा ने निर्णय लिया कि कहीं भी तीर्थ पुरोहितों के हितों पर कुठाराघात की कार्यवाही होगी तो महासभा उसका पूरजोर विरोध प्रदर्शन करेगी।
बैठक में इसके अलावा वर्तमान में अयोध्या स्थित राम मंदिर पर जिस प्रकार की घटना घटित हुई है उसे पूरा राष्ट्र शर्मसार है क्योंकि इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पुजारी पुरोहितों पर पड़ता है जो समाज में निंदा से दृष्टिगोचर होता है महासभा प्रदेश सरकार की राम मंदिर संबंध परिषद के संबंध में भी सुधार की मांग करती है और परंपरा से जुड़े श्री राम मंदिर समिति या परिषद में पुरोहित समाज को यथोचित स्थान देने की मांग करती है एवंइस प्रकरण में संवैधानिक कार्यवाही की मांग करती है। राष्ट्रीय बैठक में कहा गया कि पुरानी परम्पराओं को तोड़ने की प्रांत सरकारों द्वारा कुचेष्टा की जा रही है, नासिक में रामघाट पर जो प्राचीन समय से आरती होती चली आई है उस परम्परा को तोड़ने का प्रयास किया गया जहां सरकार द्वारा समानांतर आरती शुरु कराई गयी,स्थानीय तीर्थ पुरोहितों द्वारा पुरजोर विरोध करके उसे बंद कराया गया।
इसी प्रकार से उज्जैन तीर्थ में क्षिप्रा नदी में रामघाट पर जो परम्परागत रुप से आरती हो रही है उसे भी बंद कराने की कुचेष्टा प्रशासन द्वारा की जा रही है, जिसका हर स्तर पर महासभा पुरजोर विरोध करेगी, वर्तमान में सभी घटनाओं की दृष्टिगत रखते हुए अखिल भारतीय से जुड़े तीर्थ पुरोहितों द्वारा भारी नाराजगी जताई गई।
आज की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन को मजबूत करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया जो विभिन्न तीर्थों में जाकर वहां की समस्याओं को सुनेगें, तत्पश्चात महासभा के द्वारा अध्यक्ष महोदय की सहमति से सम्बन्धित राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उसका निदान कराया जाएगा, रामेश्वर धाम के महासभा के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष अरविन्द मुरलीधरन द्वारा अस्वासन दिया गया, मैं प्रत्येक तीर्थों में मै टीम बनाकर भ्रमण करके समस्याओं की लड़ाई लड़ूंगा, उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में सभी पांचों प्रांतों में १२ नये तीर्थों को महासभा में जोड़ा गया है, आगे तीव्र गति से कार्य करेगें।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं गया और बैद्यनाथ धाम का दौरा सितम्बर माह में करेंगे और युवा महासभा में युवाओं को जोड़कर इसका विस्तार करेगें।
उन्होंने कहा कुछ माह के भीतर ही पांच हजार युवाओं को जोड़ा जाएगा, और महासभा के निर्देशन में कार्य किया जाएगा।
उक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जो निर्णय लिये गये हैं, हमें कैसे आगे संगठन को मजबूत करना है, हमें कुछ कड़क निर्णय भी संगठन के हित में उठाने होंगे, इसी संदर्भ में लीगल सेल एवं संविधानिक विधि सलाहकार नियुक्त किया गया।
अध्यक्ष द्वारा यह निर्देश दिया गया कि संगठन के मजबूती हेतु अपने अपने तीर्थों में जाकर कार्य करें और महासभा को मजबूती प्रदान करें। तथा उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा जा रहा पर वे मुलाकात का समय नहीं दे रहे हैं, ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उपाध्यक्ष श्री कांत वशिष्ठ ने कहा कि तीर्थो में पुरोहितों पर हो रहे कुठाराघात पर महासभा पुरजोर विरोध करती है। राष्ट्रीय प्रचार मंत्री अविक्षित रमन ने कहा कि बैठकों में आए पुरोहितो हित प्रस्तावों को महासभा द्वारा प्रदेशों के मुख्यमंत्रीयों एवं भारत सरकार में प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का समय युवाओं का है महासभा को युवा टीम को साथ लेकर देश में वृहद रूप देना होगा।
बैठक का संचालन मथुरा से वरिष्ठ महामंत्री नवीन नागर ने किया। उक्त बैठक में मथुरा-वृंदावन, हरिद्वार, उज्जैन, नाशिक, द्वारिकापुरी वाराणसी, राजगीर तीर्थ से सुधीर उपाध्याय वासुकीनाथ, रामेश्वरम, बद्रीनाथ, बैद्यनाथ धाम परली बैद्यनाथ घृष्णेश्वर बिठूर, सोरों जी,चित्रकूट, विंध्याचल, आदि तीर्थों के राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हुए, उक्त अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव श्री चन्द्रनाथ चकहा मधु , माधवानंद शर्मा, अमितराजवैद्य, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीकांत वशिष्ठ, बैद्यनाथ से विनोद द्वारी, वाराणसी से राष्ट्रीय महामंत्री श्री कन्हैया त्रिपाठी, असीम भारद्वाज, बनवारी लाल पाठक, प्रदीप पाठक, दिवाकर मिश्रा, हरिद्वार से राष्ट्रीय प्रचार मंत्री अविक्षित रमन, उज्जैन से पूर्व युवा महासभा के अध्यक्ष रहे अमर डिब्बे वाला, मुकेश स्वामी, गया से ऋषिकेश गुर्दा जी सहित तीर्थ पुरोहित प्रयागवाल समाज के सदस्य तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।।









