
सीएम तथा सीएस को भेजा पत्र
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)मुनस्यारी तथा धारचूला बचाओ संघर्ष समिति में तीन हत्याकांडों की एस.आई.टी.जांच के बाद भी असली अपराधी के आज तक नहीं पकड़े जाने पर आक्रोश प्रकट किया। समिति ने 5 दिसंबर को तीनों हत्याकांडों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस असली अपराधियों को आज तक नहीं पकड़ पा रही है। इसलिए अब हमें पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है।
समिति के संयोजक तथा निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया ने सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एस.आई.टी.गठित हुई। उसके बाद भी पुलिस आज तक असली अपराधियों को जेल के सलाखों के पीछे नहीं पहुंच पाई है।
उन्होंने बताया कि नाचनी थाना के अंतर्गत बोरा गांव निवासी बसंती देवी शाही, मुनस्यारी थाना के अंतर्गत पातो निवासी प्रदीप दरियाल तथा पिथौरागढ़ कोतवाली के अंतर्गत मेतली (धारचूला) निवासी प्रकाश सिंह बिष्ट के हत्याकांड का अभी तक खुलासा नहीं होना पुलिस का नकारापन है। उन्होंने कहा कि पुलिस इन हत्याकांडों के शिकार हुए परिवार के परिजनों से बातचीत तक नहीं कर रही है। उनके परिजनों के द्वारा दिए गए सुझाव को अमल में नहीं लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब खुलासा करना उत्तराखंड पुलिस के बस की बात नहीं है, कि वह आप इन हत्याकांडों का पर्दाफाश कर सके। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की मांग को लेकर 5 दिसंबर को जिलाधिकारी कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले से लेकर देहरादून तक धरना प्रदर्शन करने की रणनीति बना दी गई है। 5 दिसंबर को इसकी भी घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुनस्यारी दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक से कहा था कि अगर उन्हें इन जांचों के लिए राज्य सरकार से भी किसी प्रकार की मदद चाहिए, उसके लिए भी सरकार तैयार है।
उन्होंने आश्चर्य की प्रकट किया कि आखिर क्यों पिथौरागढ़ की पुलिस राज्य सरकार से मदद नहीं ले रही है, ना ही खुलासा कर पा रही है।



