
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)साढे दस हजार फिट की उचांई पर स्थित चीन सीमा से लगे बाईब्रेंट विलेजों में पहली बार “क्लीन द हिमालया” अभियान चलाया गया। अभियान के पहले चरण में समुदाय से बातचीत की गई। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की 14 वीं वाहिनी भी इस अनूठे अभियान की पार्टनर की भूमिका निभायेगी। अभियान के तहत उच्च हिमालय क्षेत्र को कूड़ा मुक्त
बनाए जाने के लिए समुदाय से ली गई राय के अनुसार आगे का प्लान बनाया जाएगा।
हिमालय क्षेत्र की अग्रणी संस्था सोसायटी फॉर एक्सन इन हिमालया पिथौरागढ़ के बैनर तले चलने वाले इस अभियान के तहत पहली बार उच्च हिमालय क्षेत्र में इस तरह का अनूठा अभियान चलाया गया।
आज बुर्फू, बिलजू, मिलम सहित मर्तोली, रिलकोट तथा लास्पा में कही बैठक तो कही जन सम्पर्क किया गया। इस मुलाकात को जन मिलन का नाम दिया गया है।
बैठक में तय किया गया कि कोई भी ठोस अपशिष्ट को हिमालय क्षेत्र में जलाएगा नहीं। अजैविक कूड़े को घर में जमा कर अपने साथ हिमालय क्षेत्र से नीचे उतरते समय लाने की आदत डालने का आव्हान किया। बैठक में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के अधिकारी गण भी उपस्थित रहे। सीमा पुलिस के साथ-साथ अन्य फोर्सेज को भी अभियान की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
संस्था के अध्यक्ष एवं निर्वतमान जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि ठोस अपशिष्ट के अंतिम निस्तारण के लिए अभियान के प्रथम चरण में समुदाय की राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, आईटीबीपी, भारतीय सेना, सीमा सड़क संगठन, वन पंचायत, ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर इस हिमालय को स्वच्छ के संकल्प को पूरा करेंगे।
इस अवसर पर मीलम के ग्राम प्रधान हरीश नित्वाल, लास्पा की ग्राम प्रधान सुश्री कविता लसपाल, मर्तोली के सरपंच नारायण सिंह मर्तोलिया, मिलम की सरपंच दशरथी नित्वाल, लास्पा के सरपंच बीरबल सिंह लसपाल, ग्राम पंचायत सदस्य बिमला मर्तोलिया आदि उपस्थित रहे।



