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सभी मदरसों की अनिवार्य रूप से हो मान्यता – डॉ. सुरजीत सिंह गांधी

सभी मदरसों के संचालकों को शिक्षा विभाग के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मान्यता कराने के दिए निर्देश

 

 

 

हरिद्वार।उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के हरिद्वार आगमन पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा एवं जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अभिषेक शुक्ला ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
तत्पश्चात जिला कार्यालय सभागार में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी की अध्यक्षता में जनपद में संचालित मदरसों के मान्यता के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।             बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों तथा मदरसा संचालकों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी मदरसों का निर्धारित नियमों एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मान्यता कराया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण से मदरसों की व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित होगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी मदरसों के संचालकों से समन्वय स्थापित कर उन्हें मान्यता की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा निर्धारित समयावधि में सभी पात्र मदरसों का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए।
डॉ. गांधी ने मदरसा संचालकों से अपील की कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं आवश्यक अभिलेखों के साथ शिक्षा विभाग के माध्यम से अपना आवेदन कर मान्यता कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा कानूनी असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मदरसों का संचालन बंद हो गया है, उनमें अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनका प्रवेश निकटवर्ती शासकीय विद्यालयों में कराया जाए।         उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना मान्यता वाले मदरसों में किसी भी प्रकार से शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जाए। यदि कोई संस्था बिना मान्यता के मदरसे का संचालन करती हुई पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अभिषेक शुक्ला ने अवगत कराया कि जनपद में कुल 271 मदरसे संचालित हैं, जिनमें से 47 मदरसों द्वारा पंजीकरण हेतु आवेदन किया गया है। इनमें 5 मदरसों को मान्यता प्रदान की जा चुकी है। 18 आवेदनों पर 29 जुलाई को विचार किया जाएगा तथा 24 आवेदनों पर कार्रवाई गतिमान है, जिनका स्थलीय निरीक्षण किया जाना है। मानक पूर्ण करने पर ही उन्हें मान्यता प्रदान की जाएगी।
बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा ने पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी देते हुए मदरसा संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
बैठक में चंद्र प्रकाश सिंह रावत, निधि रावत, जितेंद्र कुमार भट्ट, अरुण कुमार, संदीप चौधरी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि एवं जनपद के विभिन्न मदरसों के संचालक उपस्थित रहे।

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