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आचार्यकुलम के विद्यार्थियों ने....

सृजनात्मकता व नव-संरचना के कौशल की अभिव्यक्ति हेतु प्रदर्शनी

आचार्यकुलम् विश्व का एक विविष्ट विक्षण संस्थान जहाँ सृजनात्मकता व नव-संरचना विद्यार्थियों का सहज स्वभाव है : रामदेव            हरिद्वार, 15 अप्रैल। आवासीय शिक्षण संस्थान आचार्यकुलम् में आज सत्र् 2024-2025 की वार्षिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि विद्यार्थियों की सृजनात्मकता व नव-संरचना के कौशल की अभिव्यक्ति हेतु उक्त प्रदर्शनी का आयोजन संस्थान के शैक्षणिक भवन में भूतल पर

आचार्यकुलम में विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्वामी रामदेव

किया गया, जिसका उद्घाटन पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष स्वामी रामदेव जी ने किया।
प्रदर्शनी में वैदिक, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य, संगीत-ललित कला, चित्र कला, कम्प्यूटर, विशिष्ट योग व पुस्तकालय विभागों की प्रेरणास्पद, मनमोहक व ज्ञानवर्धक छवियों को अत्यंत सम्मोहक इंद्रजाल की भांति झांकियों में संजोया गया था।
देश-विदेश से पधारे अभिभावकों सहित पतंजलि परिवार के सभी विद्यार्थियों, ब्रह्मचारियों, संन्यासियों, अधिकारियों व कर्मयोगियों ने प्रदर्शनी का अवलाेकन कर मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
सभी को अपने आशीर्वचनों से अभिषिक्त करते हुए स्वामी रामदेव जी ने कहा कि आचार्यकुलम् विशिष्ट विद्यालय है जहाँ प्रवेश भी ईश्वरीय विधान से ही मिलता है। यहाँ विषय ज्ञान में निष्णात बनाने के साथ ही जीवन जीने से लेकर महामानव के रूप में स्वयं को गढ़ने की दीक्षा भी स्वयमेव विद्यार्थियों को सुलभ है।
पतंजलि विश्वविद्यालय की कुलानुशासिका व डीन साध्वी देवप्रिया, आचार्यकुलम् की उपाध्यक्षा डॉ. ऋतम्भरा शास्त्री ‘बहन जी’ सहित प्राचार्या स्वाति मुंशी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर शुभाशीष प्रदान किया।
इस पावन अवसर पर स्वामी अर्जुनदेव, उप-प्राचार्य तापस कुमार बेरा, समन्वयिका दीपा, मुख्य छात्रावास अधीक्षक व क्रीड़ाध्यक्ष अमित, विशिष्ट योगाचार्य उदयवीर दादा, भगवान दादा सहित सभी आचार्यवृंद, कर्मयोगी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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