पूर्व मंत्रियों के आवासों, कार्यालयों के खाली करने के नोटिस जारी होने से केबिनेट विस्तार का संकेत?
माननीयों के वाहनों को सर्विस करवाकर तैयार रखने की सूचना से दावेदारों में हलचल

(सूत्रों से) देहरादून। राजधानी में गत दिवस को पूर्व मंत्रियों के आवासों, कार्यालयों के साथ ही वाहनों को अपटूडेट करवाने की खबर ने सत्तादल के विधायकों के अंदर फिर से जान डाल दी लग रही है।
यमुना कालोनी में स्थित तीन पूर्व मंत्रियों के आवासों को खाली करने के आदेश संपदा विभाग द्वारा किए गए हैं। इसके साथ ही उनके कार्यालयों को भी दोबारा ठीक ठाक करवाने एवं इनोवा वाहनों को सही ढंग से करवाकर रखने को कहा गया है। कार्यालयों आवासों को खाली करने की संपदा विभाग सचिव रणबीर सिंह ने भी पुष्टि करी है। इनोवा वाहनों को सर्विस करवाकर रखने को कहना तीनों ही आदेश इस बात की ओर संकेत दे रहे हैं कि पार्टी में तीन मुख्यमंत्रियों के साथ कुछ विधायकों ने भी प्रदेश एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले हैं बताया जा रहा है। गत दो साल से पार्टी के द्वारा दिए जाने वाले मंत्री पद को मिलने का बेसब्री से इंतजार खत्म होने वाला देख मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रदेश प्रभारी तथा संघ के पदाधिकारियों से मुलाकाते करते सोशल मीडिया पर दिखने लगे हैं। हरिद्वार के विधायक एवं पूर्व मंत्री के साथ तीन बार विधायक बने रानीपुर विधायक की संभावनाएं प्रबल लग रही हैं वहीं रुड़की से बत्रा भी आशावान हैं। जनपद को वैसे एक पद ही मिलने की संभावना जताई जा रही है तो हो सकता है कि पांच में से तीन गढ़वाल मंडल और दो पद कुमाऊं मंडल के हिस्से में आयेंगेलग रहा है, पार्टी में खींचतान के बीच सरकार में कैबिनेट विस्तार सही रास्ता है। हो सकता है कि श्राद्धों से पहले विधायकों की लॉटरी लग जाय! नहीं तो नवरात्रि में मनोकामना पूर्ण हो सकती है।



